शनिवार, 27 मार्च 2010

आज का दिन

आज का दिन मेरे लिए सबसे ख़राब रहा क्यों की आज मेरा दिल टूट गया
जिसे अपना समझा वो परया निकला जो दोस्त था वो ही मेरा दुसमन निकला
आस्तीन का सांप कौन था पता ना चला दोस्तों ने लुटा दुश्मनों में कहा दम था
दोस्तों के खतिर जान दी पर दोस्तों ने यह कब सोचा
आप का तरुण

मंगलवार, 9 मार्च 2010

दुनिया का तमासा

इस दुनिया में कई तमासे होते हे परन्तु कई एसे तमासे होते हे जिनका हम अंदाजा नहीं लगा सकते '
जेसे आज कल बढ रही महगाई गरीब लोग इस महगाई में दो वक्त का खाना नहीं खा सकते परन्तु '
आमिर फिर आमिर हुए जा रहे हे ;परन्तु गरीब लोगो की यह दसा देख कर आँखों में आंसू आ जाते हे
इन सब का जिम्मेदार कौन आप मै या यह सरकार इन सब के जिम्मेदार को केसी सजा मिलनी चाहिए
आज कल हत्या के आरोपी को कुछ नहीं होता तो इस जुर्म की क्या सजा मिलेगी
इसी समस्या को मध्यनजर रखते हुए मेने यह ब्लॉग बनाया हे
यह आप की आवाज बनेगा हम लड़ेगे हर समस्या से अगर आप मेरा साथ देना चाओ तो मेरे ब्लॉग पढ़
कर अपनी अमूल्य टिप्निया दे
आप का
तरुण मुखी